"उज्जवल कामना "

प्राज्ञ शुभारंग शुरू हुआ,हिन्द पताका फहराएगी |हर व्यक्ति होगा अखिल दक्ष ,अब पुष्पित शुबह हो जाएगी |अबकी इस होली मेंतरणि-तनुजा जल लाएगी |रंग भरा हुआ होगा जो ,पिचकारी वो फैलाएगी |अबकी ज्वार तेज होगा ,कपट पताका  हिल जाएगी |देख कपटी भी विचलित होगा ,जब नौका हिचकोले खायेगी |अबकी बार जब सूरज होगाशिथल धुप ढल जाएगीContinue reading “"उज्जवल कामना "”

था किसको पता !!

मदहोश था जमाना हमारी नाकामियां देखकर ,गए थे हम कैसे मंजिलो के पास, था किसको पता!ताबीर थे सपने मेरे, क्यू बेबस हुआ जमाना देखकरनवाज़िश होती है असफलता भी, था किसको पता!कल तक जो हटा लेते थे नज़र. हमारे घर देख करवो होंगे पासवान हमारी महफ़िलो में, था किसको पता!ताना देता था खुद हमारा हमराही, हमारीContinue reading “था किसको पता !!”

"छाया तेरी यादों की "

चन्द लम्हे है तुम्हारे पास मेरे,सहेजकर रखूंगा उनको |नाकाफी है वो घड़ियां सवरने को मेरे,अब न लौटऊगा तुझको ||अंकित है वो झनकारे मन में मेरे,बैठ गुनगुनाता हूँ उनको |सजे थे सपने जो यादो में तेरे,अब न बताऊँगा तुझको ||है तेरी जो लकीरे किस्मत में मेरे,ले प्रस्तर मिटाऊँगा उनको |रुका प्रवाह है जो तन में मेरे,अबContinue reading “"छाया तेरी यादों की "”

" एक शाम सुहानी सी "

देख पायल तेरे पैरो कीराग बजने लगे ……चार बुँदे क्या गिरीसब वापस लौटने लगे…संध्या भी न हो पायीबयार चलने लगे …चिपचिपाते पैर भी अबतेज चलने लगे ..खेतो की रौनके अबग्राम को बढ़ने लगे …बैठे बगुले मेड परसहसा ही उड़ने लगे…पेड़ो की चहचाहट बढ़ती परअब सन्नाटे परसने लगे …सूरज जा छुपा मेघो परहम निशा को बढ़नेContinue reading “" एक शाम सुहानी सी "”

" **** कर गया है मुझको"

यह अहसास है तेरे चुम्बन काघुघरालें बालो का,काली आँखों का,कोमल काया का,जो मदहोश कर गया है मुझको |यह आवाज है तेरे अधरों की,मर्म सासों की,धड़कती धड़कनो की,झपकती पलकों की,जो ध्वनिक कर गयी है मुझको |यह नशा है उस अतरंग पल का,दूधिया बांहो का,कामुक बदन का,सर्पित कमर का,जो मुश्कित कर गया है मुझको |यह दृश्य है उस मनोरमContinue reading “" **** कर गया है मुझको"”

" प्रीत लगा ली नैनों ने "

प्रीत लगा ली नैनों ने,दिल दिलदारियां भर आया।भुजा फिरंगी हुई है आज ,मन मन-गलियां घूम आया । नैनों की बस्ती रंग भरी थी,कदम कदम पर बसंत खिली थी ।उस पगली हसती लड़की के मुख पर ,मुझे सूरज की पहली किरण मिली थी ।लचक थी ऐसी उसकी नज़रो  पर,जैसे जब कदम्ब की डाल हिली थी ।नयन नखरेContinue reading “" प्रीत लगा ली नैनों ने "”

" ममता की परछाई "

जरा थाम ले मेरा दामन कंही फिसल न जाऊ मैं,रोक ले मुझको आके तू कंही दूर निकल न जाऊ मैं।बचपन से तूने बड़ा किया कंही चला न जाऊ मैं,वो तेरे मेरे सपने थे जो कंही बिखरा न आउ मैं।चला हूँ जिन राहों पर कंही गुम न हो जाऊ मैं,भटका हूँ जब राहो पर अब किसकोContinue reading “" ममता की परछाई "”

" एक्सीडेंट की दिनचर्या "

आज सुबह हाइवे पर सड़क लहूलुहान थीगाड़ियों की तेज रफ़्तार मेंएक हल्की सी चीख थीसुनना बहुत मुश्किल थातेज ठण्ड में कोहरा भी बहुत थाऐसा नही है कोई सुन नही पा रहा थापर वास्तम में खुदगर्ज जिंदगी सेइंसानियत सर्मसार थीलोग बढ़ते जा रहे थेकुछ नज़र भी फेर रहे थेउनमे एक महासय सायद शेल्फी भी ले रहेContinue reading “" एक्सीडेंट की दिनचर्या "”

"स्वच्छन्द अहसास "

  तू धड़कन है उन अहसासों की ,              जो पलक ढले ही गुम हो जाये |            तू हकीकत है उन लम्हो  की ,        जो  जाकर वापस न आये||                    ऐ जिंदगी तू कितनी झूठी है,Continue reading “"स्वच्छन्द अहसास "”

एक तेरे सहारे …

बैठ तक़दीर सहारे आज भी, मैं तेरी राह ताकता हूँ,तू मिल जाएगी मुझको, ये ख्वाब आंकता हूँ ||मेरी गुमनामी का मलाल भी नही तुझको,पर जिस राह तू जाती है, मैं वो हर राह जानता हूँ ||सुनसान गलियों का राही हो गया हूँ, आजकलहूँ आवारा, पागल,दीवाना ये रोज सुनता हूँ  ||बिन तेरे जीने की कोशिश करContinue reading “एक तेरे सहारे …”

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