बस आदि हूँ ऐसे सपनो का

रात्रि के अँधेरे मेंअपनों के बनाये खंडरो के बीच लेता हूँऔर रोज ही तो लेटता हूँ |फिर क्यों? आज हीये सोच रहा हूँसोच रहा हूँ की,ये गिरती हुयी दीवारे कुछ कह रही है मुझसेबता रही है शायद की,मेरी नकमियो ने उनको बदसूरत बना दिया हैउनकी गिरती ईंट, मेरा मनोबल तोड़ रही हैतेज़ हवाओ में उनकी उड़तीContinue reading “बस आदि हूँ ऐसे सपनो का”

"हसीन सा सपना मेरा "

आ तुझे दुल्हन बना दूँ, मैं अपने आँगन की। कली से कुसुम बना दूँ, मैं अपने उपवन की। प्रभात की मैं वो बूंद बना दूँ, ओस हुई है जो दूबा की। महक उठे जो वो सुगंध बना दूँ, शीतल हवा चली है संध्या की। जो मंडराए वो भंवर बना दूँ, मेहमान हुई है कलियों की।Continue reading “"हसीन सा सपना मेरा "”

"तू चाँद है, जो मेरा है नही

देख चाँद तू घूँघट में रहा कर, वरना मेरा घर रोशन होता है । क्यों नही समझता तू ,आदत हो गयी है मुझको तेरी,नही रह पाता हूं मैं,जब सुबह तू है चला जाता।     माना कर न यार ,     दिल है मेरा भी,     वरना बहुत रोता है। क्यों नही तू रुकता कभी,देख तू आए तो सपनेContinue reading “"तू चाँद है, जो मेरा है नही”

"अहसासों की पोटली "

ये इश्क़ मुकम्मल है हमकोउस रंग उड़ाती दुल्हन परभर गयी नित नई उमंग,उसकी मृगनयनी पलकों पर।क्या खूब कहा है उसने हमसेहम चल बैठे है उसकी गलियां,सुन कर उसकी ये हस्त कलाएंहम जा बैठे व्योम शिखर पर |है हस्तो पर कल्पित तूलिकाआवेग कुशुम सा आकर बैठा ,है उसके जो अठखेले सपनेदिए छाप हमने अंजन दृग पर |मन स्मृत है आभाContinue reading “"अहसासों की पोटली "”

"उज्जवल कामना "

प्राज्ञ शुभारंग शुरू हुआ,हिन्द पताका फहराएगी |हर व्यक्ति होगा अखिल दक्ष ,अब पुष्पित शुबह हो जाएगी |अबकी इस होली मेंतरणि-तनुजा जल लाएगी |रंग भरा हुआ होगा जो ,पिचकारी वो फैलाएगी |अबकी ज्वार तेज होगा ,कपट पताका  हिल जाएगी |देख कपटी भी विचलित होगा ,जब नौका हिचकोले खायेगी |अबकी बार जब सूरज होगाशिथल धुप ढल जाएगीContinue reading “"उज्जवल कामना "”

था किसको पता !!

मदहोश था जमाना हमारी नाकामियां देखकर ,गए थे हम कैसे मंजिलो के पास, था किसको पता!ताबीर थे सपने मेरे, क्यू बेबस हुआ जमाना देखकरनवाज़िश होती है असफलता भी, था किसको पता!कल तक जो हटा लेते थे नज़र. हमारे घर देख करवो होंगे पासवान हमारी महफ़िलो में, था किसको पता!ताना देता था खुद हमारा हमराही, हमारीContinue reading “था किसको पता !!”

"छाया तेरी यादों की "

चन्द लम्हे है तुम्हारे पास मेरे,सहेजकर रखूंगा उनको |नाकाफी है वो घड़ियां सवरने को मेरे,अब न लौटऊगा तुझको ||अंकित है वो झनकारे मन में मेरे,बैठ गुनगुनाता हूँ उनको |सजे थे सपने जो यादो में तेरे,अब न बताऊँगा तुझको ||है तेरी जो लकीरे किस्मत में मेरे,ले प्रस्तर मिटाऊँगा उनको |रुका प्रवाह है जो तन में मेरे,अबContinue reading “"छाया तेरी यादों की "”

" एक शाम सुहानी सी "

देख पायल तेरे पैरो कीराग बजने लगे ……चार बुँदे क्या गिरीसब वापस लौटने लगे…संध्या भी न हो पायीबयार चलने लगे …चिपचिपाते पैर भी अबतेज चलने लगे ..खेतो की रौनके अबग्राम को बढ़ने लगे …बैठे बगुले मेड परसहसा ही उड़ने लगे…पेड़ो की चहचाहट बढ़ती परअब सन्नाटे परसने लगे …सूरज जा छुपा मेघो परहम निशा को बढ़नेContinue reading “" एक शाम सुहानी सी "”

" **** कर गया है मुझको"

यह अहसास है तेरे चुम्बन काघुघरालें बालो का,काली आँखों का,कोमल काया का,जो मदहोश कर गया है मुझको |यह आवाज है तेरे अधरों की,मर्म सासों की,धड़कती धड़कनो की,झपकती पलकों की,जो ध्वनिक कर गयी है मुझको |यह नशा है उस अतरंग पल का,दूधिया बांहो का,कामुक बदन का,सर्पित कमर का,जो मुश्कित कर गया है मुझको |यह दृश्य है उस मनोरमContinue reading “" **** कर गया है मुझको"”

" प्रीत लगा ली नैनों ने "

प्रीत लगा ली नैनों ने,दिल दिलदारियां भर आया।भुजा फिरंगी हुई है आज ,मन मन-गलियां घूम आया । नैनों की बस्ती रंग भरी थी,कदम कदम पर बसंत खिली थी ।उस पगली हसती लड़की के मुख पर ,मुझे सूरज की पहली किरण मिली थी ।लचक थी ऐसी उसकी नज़रो  पर,जैसे जब कदम्ब की डाल हिली थी ।नयन नखरेContinue reading “" प्रीत लगा ली नैनों ने "”

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