भारतीयता वो नही जो किताबो से आती है,
भारतीयता वो नही जो स्कूलों में पढ़ाई जाती है,
भारतीयता वो नही जो चलचित्रों में दिखाई जाती है
भारतीयता वो नही जो गानों में गायी जाती है।
तो सवाल यह है की क्या है यह भारतीयता?
यह वो है जो कश्मीर से कन्याकुमारी तक जाती है,
यह वो है जो रह रह कर तुम्हारा वजूद बताती है,
यह वो है जो हर व्यक्ति में तुम्हे स्वयं को दिखाती है,
यह वो है जो गोरे को भी काला दिखाती है,
यह वो है जो कश्मीर को राजस्थान बनाती है,
यह वो है जो पूजा को नमाज बनाती है,
यह वो है जो बच्चे को चाचा नेहरू दिखलाती है,
ये वो है जो कागज की कश्ती से मंगल तक जाती है,
ये वो है जो गुजरात में भी काशी दिखाती है,
ये वो है जो तमिल को तेलगु और तेलगु को उर्दू बनाती है,
ये वो है जो गरीब को अम्बानी के सपने दिखाती है,
ये वो है जो गोआ को दिल्ली सा अधिकार दिलाती है,
ये वो है जो ॐ से लेकर खाँसी तक में आती है,
ये वो है जो गुरुनानक से भी राम बुलवाती है,
हाँ ये वो है जो तुमको चैन की नींद और jnu को सारी रात जगाती है,
ये वो है जो उत्तर में सर्दी तो केरल में सारा दिन तपाती है,
ये वो है जो नीलगिरी को भी हिमालय का स्थान दिलाती है,
ये वो है जो कुम्भ में भी खिलखिलाकर ईद मनाती है,
ये वो है जो कभी सरहद में सिपाही की तो कभी सड़क पर भिखारी की हो जाती है,
ये वो है जो तेरे मेरे दिल से अशोक चक्र तक जाती है,
ये वो है जो कभी केसरिया पर हरा तो कभी हरे पर केसरिया दिखाती है,
ये वो है जो भारत के भारतीय को हर भारतवासी से मिलाती है…
~ रावेन्द्र कुमार