वक़्त की कश्मकश में कभी कभी हम लोग इतना आगे निकल जाते है या इतना आगे जाने की सोचने लगते है हम अपना ही वजूद खोने लगते है| कितनी ही बार ऐसा होता है की हम विकास के नाम पर उन चीजों का भी अनुसरण करने लगते है जो वास्तव में हमारी नहीं है| कईContinue reading “एक शाम “लम टेरा “के नाम !”